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✦ Ghrelu Upaay📅 04 Oct 2026

मंत्र-जाप, पूजा- पाठ, कथा, व्रत, पुराण, स्त्रोत, दान द्वारा सब समस्याओं का समाधान !

ॐ
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जीवन में धन, कर्ज, व्यापार, नौकरी, विवाह, संतान, शिक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक अशांति, पारिवारिक कलह, भय, नजर दोष, नकारात्मकता, शत्रु बाधा, संपत्ति, यात्रा, वास्तु दोष तथा रुके हुए कार्य जैसी अनेक समस्याएँ आती रहती हैं। धार्मिक परंपरा में अलग-अलग समस्याओं के लिए मंत्र-जप, पूजा, पाठ, स्तोत्र, कवच, व्रत, कथा, पुराण, दान एवं अनुष्ठान बताए गए हैं।

सामान्य जप-विधि: जहाँ मूल मंत्र और विशेष मंत्र दोनों दिए गए हैं, वहाँ सामान्य साधना में इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें। विशेष अनुष्ठान, पुरश्चरण या हवन की संख्या योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में निर्धारित करें।


धन प्राप्ति एवं लक्ष्मी कृपा

मूल मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
विशेष मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद।
श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: श्रीसूक्त एवं कनकधारा स्तोत्र।
पूजा: माता लक्ष्मी एवं कुबेर पूजा।
व्रत: शुक्रवार।
दान: अन्न एवं वस्त्रदान।

कर्ज एवं ऋण मुक्ति

मूल मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: ऋणमोचक मंगल स्तोत्र एवं गणेश अथर्वशीर्ष।
पूजा: गणेश जी एवं भगवान शिव की पूजा।
व्रत: मंगलवार।
दान: गुड़, मसूर दाल एवं अन्नदान।

रुका हुआ धन प्राप्ति

मूल मंत्र: ॐ कुबेराय नमः।
विशेष मंत्र: ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्यपदये धनाधिपतये धनं मे देहि दापय स्वाहा॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: श्रीसूक्त।
कथा: लक्ष्मी-कुबेर कथा।
पूजा: लक्ष्मी-कुबेर पूजा।
दान: जरूरतमंदों को अन्नदान।

व्यापार में उन्नति

मूल मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।
विशेष मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष एवं श्रीसूक्त।
पूजा: गणेश एवं लक्ष्मी पूजा।
दान: अन्न एवं शिक्षा सामग्री।

व्यापार में नुकसान एवं बाधा

मूल मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: श्रीसूक्त।
कथा: लक्ष्मी-कुबेर कथा।
पूजा: लक्ष्मी पूजा एवं दीपदान।
दान: अन्नदान।

नौकरी प्राप्ति

मूल मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: विष्णु सहस्रनाम।
कथा: श्रीमद्भागवत का श्रवण।
पूजा: विष्णु पूजा।
व्रत: गुरुवार।
दान: पीली दाल, केले एवं पुस्तकें।

नौकरी में बाधा

मूल मंत्र: ॐ आदित्याय नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: आदित्य हृदय स्तोत्र।
पूजा: प्रातः सूर्यदेव को अर्घ्य।
व्रत: रविवार।
दान: गेहूँ एवं गुड़।

पदोन्नति एवं सम्मान

मूल मंत्र: ॐ बृहस्पतये नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: विष्णु सहस्रनाम।
पूजा: भगवान विष्णु एवं गुरु पूजा।
व्रत: गुरुवार।
दान: पीली वस्तु एवं शिक्षा सामग्री।

परीक्षा में सफलता

मूल मंत्र: ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः। मम विद्या-बुद्धि-मेधा-स्मरणशक्तिं वर्धय वर्धय स्वाहा॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: सरस्वती स्तोत्र एवं गणेश अथर्वशीर्ष।
पूजा: गणेश एवं सरस्वती पूजा।
पर्व: बसंत पंचमी।
दान: पुस्तक एवं लेखन सामग्री।

बुद्धि एवं स्मरण शक्ति

मूल मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष एवं सरस्वती स्तोत्र।
पूजा: गणेश जी को दूर्वा एवं सरस्वती पूजा।
दान: विद्यार्थियों की सहायता।

शिक्षा में विशेष सफलता

मूल मंत्र: ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं श्रीं महासरस्वत्यै नमः। मम सर्वविद्यां देहि, बुद्धिं मेधां प्रज्ञां च वर्धय॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: सरस्वती स्तोत्र एवं देवी भागवत का श्रवण।
पूजा: सरस्वती पूजा।
दान: पुस्तक एवं शिक्षा सामग्री।

लड़के के शीघ्र विवाह के लिए

मूल मंत्र: ॐ नमः शिवाय।
विशेष मंत्र: पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: शिव-पार्वती विवाह प्रसंग।
कथा: शिवपुराण की शिव-पार्वती विवाह कथा।
पूजा: शिव-पार्वती एवं गौरी-शंकर पूजा।
व्रत: सोमवार।

लड़की के शीघ्र विवाह के लिए

मूल मंत्र: ॐ कात्यायन्यै नमः।
विशेष मंत्र: ॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि।
नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: दुर्गा सप्तशती एवं शिव-पार्वती विवाह प्रसंग।
कथा: कात्यायनी देवी एवं शिव-पार्वती विवाह कथा।
व्रत: नवरात्रि या शुक्रवार।
पूजा: माता कात्यायनी एवं गौरी पूजा।

विवाह संबंधी विशेष बाधा

मूल मंत्र: ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः।
विशेष मंत्र: ॐ गौरीशंकराय नमः। उमामहेश्वराभ्यां नमः।
मम विवाहे सर्वबाधां निवारय, शीघ्रं शुभविवाहं प्रदेहि॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: रामचरितमानस का विवाह प्रसंग।
कथा: शिव-पार्वती विवाह कथा।
पूजा: गौरी-शंकर पूजा।

पति-पत्नी में प्रेम एवं मधुरता

मूल मंत्र: ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः।
विशेष मंत्र: ॐ गौरीशंकराय नमः। उमामहेश्वराभ्यां नमः।
मम दाम्पत्ये प्रेमं सौहार्दं शान्तिं च वर्धय वर्धय॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: रामचरितमानस।
कथा: शिव-पार्वती के आदर्श दांपत्य जीवन का श्रवण।
पूजा: पति-पत्नी मिलकर शिव-पार्वती पूजा करें।

संतान प्राप्ति

मूल मंत्र: ॐ कृष्णाय नमः।
विशेष मंत्र: ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: संतानगोपाल स्तोत्र।
पुराण: हरिवंश पुराण का पाठ या श्रवण।
कथा: बाल गोपाल एवं श्रीकृष्ण जन्म कथा।
पूजा: बाल गोपाल पूजा।

संतान के स्वास्थ्य एवं कल्याण

मूल मंत्र: ॐ गोपालाय नमः।
विशेष मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: संतानगोपाल स्तोत्र।
पुराण: हरिवंश पुराण या श्रीमद्भागवत का श्रवण।
पूजा: बाल गोपाल को माखन-मिश्री अर्पित करें।
दान: बच्चों को भोजन एवं वस्त्र।

गर्भ संबंधी मंगलकामना

मूल मंत्र: ॐ देवकीनन्दनाय नमः।
विशेष मंत्र: ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: संतानगोपाल स्तोत्र।
पुराण: हरिवंश पुराण का श्रद्धापूर्वक श्रवण।
पूजा: बाल गोपाल पूजा।
दान: अन्नदान।

स्वास्थ्य एवं रोग निवारण

मूल मंत्र: ॐ नमः शिवाय।
विशेष मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: महामृत्युंजय मंत्र एवं शिव स्तोत्र।
पुराण: शिवपुराण का श्रवण।
पूजा: शिवलिंग पर जलाभिषेक।
अनुष्ठान: आवश्यकता अनुसार महामृत्युंजय जप एवं हवन।

मानसिक अशांति एवं तनाव

मूल मंत्र: ॐ नमः शिवाय।
विशेष मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: भगवद्गीता एवं शिव स्तोत्र।
कथा: श्रीमद्भागवत का श्रवण।
पूजा: शिव पूजा एवं ध्यान।

भय एवं संकट

मूल मंत्र: ॐ हनुमते नमः।
विशेष मंत्र: ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड।
पूजा: हनुमान जी की पूजा।
व्रत: मंगलवार या शनिवार।

नजर दोष

मूल मंत्र: ॐ हनुमते नमः।
विशेष मंत्र: ॐ नमो भगवते आञ्जनेयाय महाबलाय स्वाहा।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: हनुमान चालीसा एवं दुर्गा कवच।
पूजा: हनुमान एवं दुर्गा पूजा।
दान: अन्नदान।

नकारात्मकता एवं अशुभ वातावरण

मूल मंत्र: ॐ दुं दुर्गायै नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
जप: सामान्य साधना में मंत्र-जप परंपरा अनुसार करें; विशेष साधना योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में करें।
पाठ: दुर्गा कवच एवं दुर्गा सप्तशती।
पुराण: देवी भागवत का श्रवण।
व्रत: नवरात्रि।
पूजा: दुर्गा पूजा।

अज्ञात भय एवं असुरक्षा

मूल मंत्र: ॐ त्र्यम्बकाय नमः।
विशेष मंत्र: ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: नृसिंह स्तोत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र।
पूजा: नृसिंह एवं शिव भगवान का स्मरण।

शत्रु बाधा

मूल मंत्र: ॐ हनुमते नमः।
विशेष मंत्र: ॐ हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्।
सर्वबाधां प्रशमय प्रशमय, सर्वशत्रून् निवारय निवारय स्वाहा॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा।
पूजा: हनुमान जी की पूजा।
व्रत: मंगलवार या शनिवार।

कोर्ट-कचहरी एवं विवाद

मूल मंत्र: ॐ हनुमते नमः।
विशेष मंत्र: ॐ श्रीरामदूताय हनुमते नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: सुंदरकांड एवं रामचरितमानस।
कथा: श्रीराम के धर्म एवं न्याय संबंधी प्रसंगों का श्रवण।
पूजा: हनुमान जी की पूजा।

पारिवारिक कलह

मूल मंत्र: ॐ श्री रामाय नमः।
विशेष मंत्र: श्रीराम जय राम जय जय राम।
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: रामचरितमानस।
कथा: श्रीराम के आदर्श पारिवारिक जीवन का श्रवण।
पूजा: श्रीराम दरबार की पूजा।

घर में सुख-शांति

मूल मंत्र: ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।
विशेष मंत्र: सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: रामचरितमानस एवं सुंदरकांड।
पूजा: परिवार सहित इष्टदेव की पूजा।
दान: अन्नदान।

घर में बार-बार संकट

मूल मंत्र: ॐ नमो भगवते नरसिंहाय।
विशेष मंत्र: ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: नृसिंह स्तोत्र एवं सुंदरकांड।
पूजा: नृसिंह भगवान एवं हनुमान जी का स्मरण।

गृहशांति एवं नए घर का मंगल

मूल मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।
विशेष मंत्र: ॐ वास्तुपुरुषाय नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष।
पूजा: गणेश एवं वास्तुपुरुष पूजा।
अनुष्ठान: आवश्यकता अनुसार गृहशांति एवं हवन।

वास्तु संबंधी बाधा

मूल मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।
विशेष मंत्र: ॐ वास्तुपुरुषाय नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष एवं सुंदरकांड।
पूजा: गणेश पूजा एवं वास्तुशांति।
अनुष्ठान: योग्य आचार्य से वास्तुशांति हवन।

मकान खरीदने में बाधा

मूल मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।
विशेष मंत्र: ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष।
कथा: भगवान गणेश की कथा।
पूजा: गणेश जी को दूर्वा एवं मोदक अर्पित करें।

जमीन एवं संपत्ति संबंधी बाधा

मूल मंत्र: ॐ भूम्यै नमः।
विशेष मंत्र: ॐ पृथिव्यै नमः। धरण्यै नमः। वसुधायै नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: श्रीसूक्त एवं गणेश अथर्वशीर्ष।
पूजा: भूमि पूजन एवं गणेश पूजा।
दान: अन्नदान एवं गौसेवा।

वाहन एवं यात्रा सुरक्षा

मूल मंत्र: ॐ हनुमते नमः।
विशेष मंत्र: ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: हनुमान चालीसा।
पूजा: यात्रा से पहले गणेश एवं हनुमान जी का स्मरण।

विदेश यात्रा में बाधा

मूल मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
विशेष मंत्र: ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: विष्णु सहस्रनाम।
कथा: भगवान विष्णु की कथा का श्रवण।
व्रत: एकादशी।
पूजा: भगवान विष्णु की पूजा।

रुके हुए कार्य

मूल मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।
विशेष मंत्र: ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष।
पूजा: गणेश पूजा।
व्रत: गणेश चतुर्थी।

सर्वकार्य सिद्धि

मूल मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।
विशेष मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष।
पूजा: गणेश जी को दूर्वा एवं मोदक अर्पित करें।
दान: अन्नदान।

भाग्योदय

मूल मंत्र: ॐ श्री विष्णवे नमः।
विशेष मंत्र: ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: विष्णु सहस्रनाम।
पुराण: श्रीमद्भागवत का श्रवण।
व्रत: एकादशी।
पूजा: भगवान विष्णु की पूजा।

यश एवं प्रतिष्ठा

मूल मंत्र: ॐ आदित्याय नमः।
विशेष मंत्र: ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि।
तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: आदित्य हृदय स्तोत्र।
पूजा: प्रतिदिन सूर्यदेव को तांबे के पात्र से अर्घ्य।
व्रत: रविवार।
दान: गेहूँ एवं गुड़।

आर्थिक स्थिरता

मूल मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: श्रीसूक्त।
पूजा: लक्ष्मी पूजा।
व्रत: शुक्रवार।
दान: अन्न एवं वस्त्रदान।

ग्राहक एवं काम की कमी

मूल मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
विशेष मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: श्रीसूक्त एवं लक्ष्मी स्तोत्र।
पूजा: व्यापार स्थल पर लक्ष्मी पूजा।
दान: अन्नदान।

कुलदेवता एवं कुलदेवी की कृपा

मूल मंत्र: ॐ कुलदेवताभ्यो नमः।
विशेष मंत्र: अपनी कुल परंपरा के अनुसार कुलदेवता या कुलदेवी का नाम-मंत्र।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: कुल परंपरा के अनुसार धार्मिक पाठ।
पूजा: कुलदेवता/कुलदेवी पूजा।
विशेष: समय-समय पर कुलदेवता के स्थान पर दर्शन एवं पूजा।
दान: अन्नदान एवं सेवा।

इष्टदेव की कृपा

मूल मंत्र: अपने इष्टदेव का नाम-मंत्र।
विशेष मंत्र: गुरु या पारिवारिक परंपरा में प्रचलित इष्टमंत्र।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: इष्टदेव का स्तोत्र, चालीसा या कवच।
पूजा: नियमित इष्टदेव पूजा।
सेवा: सामर्थ्य अनुसार दान एवं सेवा।

पितृ शांति

मूल मंत्र: ॐ पितृभ्यो नमः।
विशेष मंत्र: ॐ सर्वेभ्यः पितृदेवेभ्यो नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: भगवद्गीता का श्रवण।
पुराण: गरुड़ पुराण का धार्मिक एवं विधिपूर्वक श्रवण।
अनुष्ठान: अमावस्या एवं पितृपक्ष में तर्पण/श्राद्ध।
दान: अन्नदान, गौसेवा एवं जरूरतमंदों की सहायता।

सुंदरकांड से संकट निवारण

मूल मंत्र: ॐ हनुमते नमः।
विशेष मंत्र: ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: सुंदरकांड का संपूर्ण पाठ।
कथा: रामचरितमानस के सुंदरकांड का श्रवण।
व्रत: मंगलवार या शनिवार।
पूजा: हनुमान जी के समक्ष दीपक जलाकर प्रार्थना।

हनुमान चालीसा से भय एवं बाधा

मूल मंत्र: ॐ हनुमते नमः।
विशेष मंत्र: ॐ श्रीरामदूताय हनुमते नमः।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: हनुमान चालीसा 3, 7 या 11 बार।
विशेष: मंगलवार एवं शनिवार को नियमित पाठ।
पूजा: हनुमान जी की पूजा एवं दीपदान।

महामृत्युंजय साधना

मूल मंत्र: ॐ त्र्यम्बकाय नमः।
विशेष मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें। विशेष अनुष्ठान की संख्या आचार्य के निर्देशानुसार रखें।
पाठ: शिव स्तोत्र।
पुराण: शिवपुराण का श्रवण।
पूजा: शिवलिंग पर जलाभिषेक।
अनुष्ठान: विशेष महामृत्युंजय जप एवं हवन योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में।

नवरात्रि एवं देवी उपासना

मूल मंत्र: ॐ दुं दुर्गायै नमः।
विशेष मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
जप: सामान्य साधना में मंत्र-जप करें; विशेष साधना योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में करें।
पाठ: दुर्गा कवच एवं दुर्गा सप्तशती।
पुराण: देवी भागवत का श्रवण।
व्रत: नवरात्रि व्रत।
पूजा: दुर्गा पूजा एवं कन्या पूजन।

भगवान शिव की विशेष साधना

मूल मंत्र: ॐ नमः शिवाय।
विशेष मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: शिवमहिम्न स्तोत्र एवं शिवपुराण।
व्रत: सोमवार एवं प्रदोष।
पूजा: शिवलिंग पर जल एवं बिल्वपत्र अर्पित करें।
दान: अन्न एवं वस्त्रदान।

भगवान विष्णु एवं श्रीकृष्ण की विशेष साधना

मूल मंत्र: ॐ कृष्णाय नमः।
विशेष मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: विष्णु सहस्रनाम एवं श्रीमद्भागवत।
कथा: श्रीकृष्ण जन्म एवं भगवान विष्णु की कथा।
व्रत: एकादशी।
पूजा: विष्णु एवं श्रीकृष्ण पूजा।

सर्वमंगल एवं परिवार कल्याण

मूल मंत्र: ॐ सर्वमंगलाय नमः।
विशेष मंत्र: सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥
जप: इनमें से किसी एक मंत्र का 108 बार जप करें।
पाठ: रामचरितमानस, हनुमान चालीसा एवं विष्णु सहस्रनाम।
कथा: रामायण एवं श्रीमद्भागवत का यथाशक्ति श्रवण।
पूजा: परिवार सहित इष्टदेव की सामूहिक पूजा।
दान: अन्नदान, गौसेवा एवं जरूरतमंदों की सहायता।

विशेष धार्मिक नियम

मंत्र-जप श्रद्धा, नियमितता और सात्त्विक आचरण के साथ करें। विशेष मंत्र-साधना, पुरश्चरण, हवन या बड़े अनुष्ठान के लिए योग्य आचार्य का मार्गदर्शन लेना उचित है। स्वास्थ्य, कानूनी, आर्थिक या अन्य गंभीर समस्याओं में धार्मिक उपायों के साथ संबंधित विशेषज्ञ की उचित सलाह भी लें।

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