लाल किताब की पारंपरिक मान्यताओं में जीवन की विभिन्न समस्याओं के लिए अनेक प्रकार के टोटके और उपाय बताए गए हैं। इस लेख में शनि, धन, कर्ज, नौकरी, व्यापार, विवाह, संतान, शिक्षा, नजर दोष, ऊपरी बाधा, कोर्ट-कचहरी, स्वास्थ्य, घर-परिवार, पितृ बाधा और विदेश यात्रा सहित अनेक समस्याओं से जुड़े प्रमुख उपाय एक ही स्थान पर दिए गए हैं।
नोट: ये उपाय पारंपरिक ज्योतिषीय एवं लोक-मान्यताओं पर आधारित हैं। गंभीर बीमारी या अन्य गंभीर समस्या में योग्य चिकित्सक/विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
शनि दृष्टि दोष दूर करने के लिए
उड़द की दाल के 4 बड़े शनिवार को प्रातः सिर से 3 बार उलटी दिशा में घुमाकर कौओं को खिलाएं। यह उपाय 7 शनिवार करें।
शनि कृपा पाने के लिए
शनिवार के दिन आठ नंबर का चमड़े का जूता शनि दान मांगने वाले व्यक्ति को “ॐ सूर्य पुत्राय नमः” 8 बार कहते हुए दान करें।
ऊपरी बाधा दूर करने के लिए
शुक्रवार को काले घोड़े को सवा किलो काले चने खिलाएं। शनिवार को उसके पिछले दाएं पैर की नाल घर के मुख्य द्वार पर U आकार में लगाने की पारंपरिक मान्यता है।
लक्ष्मी कृपा के लिए
शुक्रवार को अंध विद्यालय में 27 संतरे अंधे बच्चों को खिलाएं।
नजर दोष और टोने के लिए
नींबू को व्यक्ति के ऊपर 7 बार उलटी दिशा में घुमाएं। चाकू को सिर से पैर तक धीरे-धीरे स्पर्श कराते हुए नींबू को बीच से काटें। दोनों टुकड़ों को शाम के समय दक्षिण दिशा में फेंक दें।
ऊपरी प्रेत बाधा के लिए
सवा किलो बाजरे का दलिया और पाव भर गुड़ मिट्टी की हांडी में रखें। इसे सिर से पैर तक 7 बार उतारकर शनिवार शाम चौराहे पर रख दें। वापस आते समय पीछे मुड़कर न देखें और न किसी से बात करें। यह उपाय 3 शनिवार करें।
शनि ढैया और साढ़ेसाती के लिए
शुक्रवार रात सवा किलो काले चने भिगो दें। शनिवार को पानी वाली हांडी में चेहरा देखकर काले घोड़े को चने खिलाएं और पानी पीपल पर डालें।
जोड़ों के दर्द और वायु के लिए
शनिवार को सवा किलो आलू-बैंगन सरसों के तेल में बनाएं और उतनी ही पूरियां तैयार करें। रविवार को अंधे, दिव्यांग या जरूरतमंद लोगों को खिलाएं।
शनि कृपा के लिए
27 किलो गुलाब जामुन पर एक-एक लौंग फूल वाली चुभोकर शनिवार को यमुना नदी में प्रवाहित करने की पारंपरिक मान्यता है।
मनोवांछित ट्रांसफर के लिए
तांबे के बर्तन से सूर्य को जल दें और जल में 22 लाल मिर्च के बीज डालें। यह उपाय 22 दिन करें।
रोग संबंधी पारंपरिक उपाय
एक पानी वाला नारियल रोगी के सिर से 3 बार उलटी दिशा में घुमाकर सूर्य की ओर रोगी का मुख रखें और सामने नारियल फोड़ने की पारंपरिक मान्यता है।
सिरदर्द और बुखार के लिए
11 पानी वाले नारियल सिर से उलटी दिशा में घुमाकर शिव मंदिर ले जाएं। शिवलिंग के पास नारियल फोड़कर उसका जल शिवलिंग पर चढ़ाने की पारंपरिक मान्यता है।
मनोवांछित वर-वधु के लिए
5 पीठे पान लें और शिव मंदिर में क्रमशः गणेश जी, माता पार्वती, कार्तिकेय जी, नंदी जी और शिवलिंग को अर्पित करें।
लक्ष्मी कृपा के लिए
दूध में घी, शहद और दही मिलाकर शिवलिंग पर आंवला रखें और ऊपर से दूध चढ़ाएं। आंवले के मुरब्बे का एक टुकड़ा शिवलिंग पर रखकर ऊपर दूध चढ़ाने की पारंपरिक मान्यता है।
पढ़ाई में सफलता स्मरणशक्ति के लिए उपाय
मोर मुकुट का चांदा पुस्तकों में रखें। ईशान कोण में बांसुरी रखें और बांसुरी पर रोली या सिंदूर से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” लिखें।
रोज सुबह आंवले का मुरब्बा लें और उसके ऊपर थोड़ा दूध डालकर सेवन करने की पारंपरिक मान्यता है।
हनुमान चालीसा का पाठ प्रतिदिन करें ! पीला चंदन लगाए, माता-पिता, गुरु, बुजुर्गों और अपने से बड़ों का सम्मान करें !
स्मरण शक्ति के लिए पढ़ाई के उपाय
रोज सुबह आंवले का मुरब्बा लें और उसके ऊपर थोड़ा दूध डालकर सेवन करने की पारंपरिक मान्यता है।
ऊपरी बाधा के लिए
साबुत नींबू पर काले पेन से 307 लिखें। इसे उलटी दिशा में घुमाकर घर से बाहर या चौराहे पर फेंक दें।
मिर्गी के लिए पारंपरिक उपाय
1 तोला असली हींग काले कपड़े में ताबीज बनाकर शनिवार को गले में धारण करने की पारंपरिक मान्यता है।
नोट: मिर्गी में चिकित्सकीय उपचार आवश्यक है।
मकान बनाने या खरीदने के लिए
मकान बनाने या खरीदने से पहले भैंसे का दान करने तथा पुष्य नक्षत्र में नींव रखने की पारंपरिक मान्यता है। वास्तु पूजन भी कराया जाता है।
हृदय संबंधी पारंपरिक उपाय
5 मुखी रुद्राक्ष, लाल हकीक, आधा मीटर लाल कपड़ा और 8 लाल मिर्च लें। इन्हें सिर से 3 बार घुमाकर रविवार को बहते पानी में प्रवाहित करने की पारंपरिक मान्यता है।
माणिक्य दाएं हाथ की अनामिका में और 6 रत्ती पन्ना बुधवार को लॉकेट में धारण करने की पारंपरिक मान्यता है। रत्न कुंडली के अनुसार ही धारण करें।
बच्चों के लिए
बच्चों को गाली या श्राप न दें। बच्चों के प्रति प्रेम, शुभ वचन और आशीर्वाद रखने की परंपरा को विशेष महत्व दिया गया है।
कोर्ट-कचहरी के लिए
घर के उत्तर-पूर्व दिशा में मंदिर रखें। मुकदमे की फाइलों को पूजा स्थान पर रखने की पारंपरिक मान्यता है।
शीघ्र विवाह के लिए
गुरुवार को 5 रत्ती पुखराज चांदी या सोने में तर्जनी में तथा शुक्रवार को 7 रत्ती फिरोजा चांदी में दाहिने हाथ की छोटी अंगुली में धारण करने की पारंपरिक मान्यता है।
मनचाहा विवाह के लिए
केले की जड़ लेकर एकादशी के दिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का 108 बार जाप करें। इसे ताबीज में रखने की पारंपरिक मान्यता है।
मांगलिक दोष के लिए
हर मंगलवार वट वृक्ष की जड़ में मीठा दूध अर्पित करें। वहां की भीगी मिट्टी का माथे पर तिलक लगाने की पारंपरिक मान्यता है।
पढ़ाई में सफलता के लिए
मंगलवार को बंदर को मीठी रोटी, केले और गुड़-चना खिलाएं। ईशान कोण में बांसुरी रखें। 5 रत्ती मूंगा लॉकेट में धारण करें और गरीब बच्चों को पुस्तकें दें।
पति-पत्नी के प्रेम के लिए
पति शुक्रवार को 30 सेंटी का हीरा या 5 रत्ती सफेद पुखराज दाहिने हाथ की अनामिका में धारण करें। पत्नी सोमवार को 5 रत्ती मोती बाएं हाथ की अनामिका में धारण करें।
दरिद्रता और कर्ज के लिए
पुरुष दाएं हाथ की तर्जनी में पीला पुखराज और बाएं हाथ की छोटी अंगुली में 5 रत्ती मोती चांदी में धारण करें। “ॐ श्रीं श्रियै नमः” की एक माला जाप करें।
कोर्ट में सफलता के लिए
रविवार को दाएं हाथ की अनामिका में 6 रत्ती माणिक्य धारण करें। पीला पुखराज लॉकेट में धारण करने की भी पारंपरिक मान्यता है।
नौकरी और प्रमोशन के लिए
बुधवार को दाएं हाथ की छोटी अंगुली में 6 रत्ती पन्ना और रविवार सुबह 6 रत्ती माणिक्य लॉकेट में धारण करें। क्रिस्टल माला से “ॐ आदित्याय नमः” का जाप करें।
मीडिया और मॉडलिंग के लिए
शुक्रवार को दाएं हाथ की अनामिका में 30 सेंटी का हीरा धारण करें और “ॐ राधेकृष्णाय नमः” की माला जाप करें।
शत्रुता को मित्रता में बदलने के लिए
शनिवार को भोजपत्र पर लाल रोली से संबंधित व्यक्ति का नाम लिखें और उसे शहद से भरे पात्र में रखने की पारंपरिक मान्यता है।
संतान सुख के लिए
गुरुवार को पुरुष के दाएं हाथ की तर्जनी में 6 रत्ती पुखराज धारण करने की पारंपरिक मान्यता है।
विद्या और मंगल संबंधी बाधा के लिए
मंगलवार को एक पाव कच्चा दूध सिर से 3 बार उलटी दिशा में घुमाकर मिट्टी के बर्तन में डालें और काले या लाल कुत्ते को देने की पारंपरिक मान्यता है।
साढ़ेसाती के लिए
रवि-पुष्य नक्षत्र में मोरपंख का चांदा काटकर जेब में रखने की पारंपरिक मान्यता है।
आधा सीसी के लिए
12 काली मिर्च, 12 नीम की पत्तियां और 12 चावल लेकर 3–4 बूंद पानी के साथ पीसने की पारंपरिक विधि बताई गई है। इसे सूर्योदय से पहले सूंघने का उपाय 12 दिन बताया गया है।
नोट: लगातार सिरदर्द होने पर चिकित्सकीय जांच कराएं।
नौकरी और प्रमोशन के लिए
माता-पिता को शिव-पार्वती का स्वरूप मानकर फूलों के साथ 3 परिक्रमा करें। स्वयं को गणेश जी का स्वरूप मानकर फूल अर्पित करें और प्रणाम करें।
मिर्गी के लिए पारंपरिक उपाय
गाय के बाएं सींग की वस्तु या जंगली सूअर के नाखून की अंगूठी दाएं हाथ की छोटी अंगुली में धारण करने की पारंपरिक मान्यता है।
नोट: मिर्गी में चिकित्सकीय उपचार आवश्यक है।
मोटापे के लिए
रांगा धातु की अंगूठी दाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण करने की पारंपरिक मान्यता है।
ग्राहक और व्यापार वृद्धि के लिए
शनिवार शाम साबुत सुपारी और तांबे का सिक्का पीपल के नीचे रखें। रविवार को पीपल का पत्ता लाकर उस पर रोली से “श्रीं” लिखें और व्यापार स्थल की गद्दी या तिजोरी में रखने की पारंपरिक मान्यता है।
टोना और नकारात्मक प्रभाव से बचाव के लिए
काले घोड़े की नाल या उससे बनी अंगूठी को कृतिका नक्षत्र के दिन मुख्य द्वार पर लगाने या धारण करने की पारंपरिक मान्यता है।
आर्थिक लाभ के लिए
शुक्ल पक्ष में पीतल के लोटे में जल और थोड़ा गौ-दूध रखकर रात को सिरहाने रखें। सुबह पीपल पर अर्पित करें। यह उपाय 11 दिन और सोमवार से शुरू करने की पारंपरिक मान्यता है।
नौकरी और व्यापार में बाधा के लिए
पीतल के लोटे में गंगाजल तथा चांदी या सोने की छोटी वस्तु रखें। इसे उत्तर-पूर्व दिशा में रखें और “ॐ गंगाधराय नमः” का 11 बार जाप करें।
काम में आई रुकावट के लिए
21 साबुत उड़द के दाने लें। इनमें थोड़ा दही और सिंदूर मिलाकर उस स्थान पर रखें जहां काम अटका हुआ हो। अगले दिन इन्हें चौराहे या पीपल के पास रखने की पारंपरिक मान्यता है। वापस आते समय पीछे मुड़कर न देखें।
महत्वपूर्ण कार्य और इंटरव्यू के लिए
एक साफ नींबू में चार दिशाओं में 4 लौंग लगाएं। “ॐ हनुमते नमः” का 21 बार जाप करें। इसे महत्वपूर्ण कार्य के समय अपने पास रखने और कार्य पूरा होने के बाद बहते जल में प्रवाहित करने की पारंपरिक मान्यता है।
पितृ संबंधी बाधा के लिए
अमावस्या के दिन काले तिल, जौ और आटा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें। कौओं को भोजन कराएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं।
साढ़ेसाती और शनि बाधा के लिए
सवा किलो काले चने नई लोहे की बाल्टी में रखें और शुक्रवार रात उसमें पानी भर दें। शनिवार को पानी में अपना चेहरा देखकर पानी पीपल पर डालें। एक मुट्ठी चने “ॐ सूर्य पुत्राय नमः” कहते हुए शुद्ध जल में डालें। चने समाप्त होने तक यह प्रक्रिया दोहराएं। अंत में बाल्टी को सवा किलो सरसों के तेल और सिक्कों के साथ शनि दान लेने वाले जरूरतमंद व्यक्ति को देने की पारंपरिक मान्यता है।
कुछ अन्य महत्वपूर्ण लाल किताब के टोटके और उपाय
विदेश यात्रा में आ रही रुकावटों के लिए
एक नारियल, थोड़ी सी जौ और काली उड़द लेकर इन सबको एक लाल कपड़े में बांध लें। इसे अपने सिर से 7 बार उतारकर किसी बहते जल में प्रवाहित कर दें। यह उपाय यात्रा में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए पारंपरिक रूप से बताया जाता है।
संतान प्राप्ति में बाधा के लिए
गुरुवार के दिन पीली दाल, गुड़ और केले जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें। साथ ही किसी गरीब बच्चे को भोजन कराएं। यह उपाय संतान सुख में आ रही बाधाओं के लिए पारंपरिक मान्यताओं में किया जाता है।
नौकरी मिलने में बार-बार रुकावट के लिए
शनिवार के दिन काले चने, काली उड़द और थोड़ा सा गुड़ किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें। इसके बाद अपने कार्य और नौकरी के प्रयास करें।
कर्ज बढ़ने पर करें ये उपाय
मंगलवार के दिन मसूर की दाल, गुड़ और लाल कपड़ा किसी जरूरतमंद को दान करें। मंगलवार को जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन भी कराएं। यह उपाय कर्ज संबंधी बाधाओं को कम करने के लिए पारंपरिक रूप से किया जाता है।
व्यापार में बार-बार नुकसान होने पर
बुधवार के दिन हरे मूंग, हरी सब्जी या हरे वस्त्र किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें। दुकान या व्यापार स्थल पर गंदगी या टूटी-फूटी वस्तुएं जमा न होने दें। यह उपाय व्यापार में बुध संबंधी बाधाओं के लिए पारंपरिक रूप से बताया जाता है।
घर में लगातार कलह और अशांति के लिए
घर में पुरानी, टूटी या बेकार लोहे की वस्तुएं जमा न होने दें। शनिवार के दिन ऐसी अनावश्यक लोहे की वस्तुओं को घर से बाहर करें और जरूरतमंद व्यक्ति को उपयोगी वस्तु का दान करें।
नजर दोष और नकारात्मकता के लिए
एक साबुत नारियल लेकर उसे अपने सिर से 7 बार उतारें और उसे बहते जल में प्रवाहित कर दें। यह उपाय नजर दोष और नकारात्मकता से बचाव के लिए पारंपरिक रूप से किया जाता है।
पितृ संबंधी बाधा के लिए
अमावस्या के दिन काले तिल, जौ और आटा लेकर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें। कौओं को भोजन कराएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं।
धन संबंधी कार्यों में सफलता के लिए
काली हल्दी को साफ करके पूजा स्थान में रखें। शुक्रवार के दिन इसे धूप-दीप दिखाकर धन संबंधी महत्वपूर्ण कार्य के लिए निकलते समय श्रद्धापूर्वक देखकर जाएं। यह उपाय धन संबंधी कार्यों में आने वाली बाधाओं के लिए पारंपरिक रूप से बताया जाता है।
घर में धन और समृद्धि बनाए रखने के लिए
शुक्रवार के दिन 125 ग्राम बासमती चावल और 125 ग्राम मिश्री लें। दोनों को एक साफ सफेद कपड़े में बांधकर लक्ष्मी माता से घर में सुख, समृद्धि और स्थायी धन की प्रार्थना करें। इसके बाद इस पोटली को किसी बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।
धन की हानि रोकने के लिए
शनिवार के दिन काले तिल लें और परिवार के प्रत्येक सदस्य के सिर के ऊपर से 7 बार उतारें। इसके बाद उन काले तिलों को घर से बाहर उत्तर दिशा की ओर फेंक दें। यह उपाय धनहानि और आर्थिक रुकावटों से बचाव के लिए पारंपरिक रूप से बताया जाता है।
व्यापार में बार-बार नुकसान के लिए
रविवार दोपहर 5 कागजी नींबू काटकर दुकान या कार्यालय में रखें। साथ में एक मुट्ठी काली मिर्च और एक मुट्ठी पीली सरसों रखें। अगले दिन इन सभी चीजों को किसी सुनसान स्थान पर दबा दें।
धन लाभ के लिए
शनिवार सुबह पीपल का पत्ता लेकर उस पर सफेद चंदन से गायत्री मंत्र लिखें। पूजा के बाद इसे गल्ले या तिजोरी में छिपाकर रखने की पारंपरिक मान्यता है। प्रत्येक शनिवार नया पत्ता रखने का उल्लेख मिलता है।
फंसा हुआ पैसा वापस पाने के लिए
शुक्ल पक्ष के सोमवार से 21 दिन तक 5 गुलाब के फूल पानी में डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। यह उपाय फंसा हुआ धन वापस पाने के लिए पारंपरिक रूप से बताया जाता है।
शराब छुड़ाने का पारंपरिक टोटका
काले कपड़े, नीले कपड़े, लगभग 800 ग्राम कोयला, काली उड़द, जौ, काले तिल, 8 कीलें, 8 सिक्के और काला धागा लें। जटा वाला नारियल लेकर उसमें काला धागा बांधें और काजल लगाएं। इन सामग्री को पारंपरिक विधि के अनुसार रखकर धूप-दीप करें और बहते जल के पास ले जाकर प्रवाहित करने की परंपरा बताई जाती है। बुधवार या शनिवार को पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने का भी उल्लेख मिलता है।
नोट: शराब की निर्भरता में डॉक्टर या नशा-मुक्ति विशेषज्ञ की सहायता लेना जरूरी है।
भैरव मंदिर में बाधा निवारण के लिए
रविवार या बुधवार को भैरव मंदिर में मदिरा अर्पित करने की पारंपरिक मान्यता है। इसे सिर के ऊपर से 7 बार उलटी दिशा में घुमाकर भैरव मंदिर में अर्पित करने का उल्लेख मिलता है।
यदि स्थानीय भैरव मंदिर में यह परंपरा मान्य हो, तो मंदिर के नियमों के अनुसार ही अर्पण करें। मदिरा का सेवन आवश्यक नहीं है।
पानी वाला नारियल और कोयले का उपाय
एक पानी वाला नारियल और लगभग 100 ग्राम लकड़ी का कोयला लें। शनिवार को दोनों को सिर से 7 बार उतारकर बहते जल में प्रवाहित कर दें। यदि बहता जल उपलब्ध न हो तो पीपल के नीचे रखने की पारंपरिक मान्यता है।
काम में आई रुकावट के लिए
21 साबुत उड़द के दाने लें। इनमें थोड़ा दही और सिंदूर मिलाकर उस स्थान पर रखें जहां काम अटका हुआ हो। अगले दिन इन्हें चौराहे या पीपल के पास रखने की पारंपरिक मान्यता है। वापस आते समय पीछे मुड़कर न देखें।
महत्वपूर्ण कार्य और इंटरव्यू के लिए
एक साफ नींबू लें और उसमें चार दिशाओं में 4 लौंग लगाएं। “ॐ हनुमते नमः” का 21 बार जाप करें। इसे महत्वपूर्ण कार्य के समय अपने पास रखें और कार्य पूरा होने के बाद बहते जल में प्रवाहित कर दें।
घर में सुख-शांति के लिए
घर के मुख्य द्वार और आसपास टूटी-फूटी, बेकार या लंबे समय से अनुपयोगी वस्तुएं जमा न होने दें। शनिवार को ऐसी वस्तुओं को हटाकर उपयोगी सामान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को देने की पारंपरिक मान्यता है।
आर्थिक समस्या से राहत के लिए
यदि आर्थिक समस्या बनी रहती हो तो 21 शुक्रवार तक 9 वर्ष से कम आयु की 5 कन्याओं को खीर और मिश्री का प्रसाद खिलाने की पारंपरिक मान्यता है।
लगातार परेशानी से राहत के लिए
एक तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें थोड़ा-सा लाल चंदन मिलाएं। रात को उस पात्र को सिरहाने रखकर सोएं। सुबह उस जल को तुलसी के पौधे पर चढ़ाने की पारंपरिक मान्यता है।
विवाह में रुकावट दूर करने के लिए
5 नारियल भगवान शिव के सामने रखें। “ॐ श्रीं वर प्रदाय श्री नमः” मंत्र का 5 माला जाप करें। इसके बाद पांचों नारियल शिव मंदिर में चढ़ाने की पारंपरिक मान्यता है।
शीघ्र विवाह के लिए
प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर दूध मिले जल को अर्पित करते हुए “ॐ सोमेश्वराय नमः” का जाप करें। मंदिर में बैठकर इसी मंत्र की एक माला जाप करने की पारंपरिक मान्यता है।
व्यापार वृद्धि के लिए
शुक्ल पक्ष में किसी दिन दुकान या फैक्ट्री के दरवाजे के दोनों तरफ बाहर की ओर थोड़ा-सा गेहूं का आटा रखने तथा पूजा स्थान में श्री यंत्र रखने की पारंपरिक मान्यता है।
कारोबार में लाभ के लिए
शुक्रवार की रात सवा किलो काले चने भिगो दें। शनिवार को उन्हें सरसों के तेल में बनाकर तीन हिस्से करें। इस प्रयोग को 40 दिन तक करने की पारंपरिक मान्यता है।
नौकरी जाने का खतरा या ट्रांसफर रुकवाने के लिए
5 ग्राम डली वाला सुरमा लेकर किसी वीरान स्थान पर जमीन में गाड़ने की पारंपरिक मान्यता है। मूल लोक-परंपरा में इसे एक ही डली रखने का उल्लेख मिलता है।
कारोबार में नुकसान या कार्यक्षेत्र में झगड़े के लिए
अपने वजन के बराबर कच्चा कोयला लेकर जल-प्रवाह करने की पारंपरिक मान्यता है।
धन के ठहराव के लिए
घर में कोई नल लगातार टपकता न हो और दूध या चाय उबलकर चूल्हे पर बाहर न गिरे, इसका ध्यान रखने की पारंपरिक मान्यता है। इसे धन के अनावश्यक बहाव को रोकने से जोड़ा जाता है।
प्रेम विवाह में सफलता के लिए
शुक्ल पक्ष के गुरुवार से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने “ॐ लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का रोज 3 माला जाप करें। तीन महीने तक प्रत्येक गुरुवार मंदिर में प्रसाद चढ़ाकर विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करने की पारंपरिक मान्यता है।
नौकरी, प्रमोशन और करियर में बाधा के लिए
शुक्रवार को नया स्टील का ताला खरीदें। ताले को खोले बिना शुक्रवार रात अपने सोने के कमरे में रखें। शनिवार सुबह स्नान करके उस ताले को बिना खोले किसी मंदिर, गुरुद्वारे या धार्मिक स्थान पर रखने की पारंपरिक मान्यता है।
मकान, दुकान या प्रॉपर्टी बेचने के लिए
86 साबुत बादाम लें। 43 दिनों तक प्रतिदिन 2 बादाम शिव मंदिर में ले जाएं। दोनों बादाम शिवजी के सामने रखें और उनमें से 1 बादाम वापस घर लाकर अलग रखें। 43 दिन बाद एकत्र किए गए बादामों को बहते जल में प्रवाहित करने की पारंपरिक मान्यता है।
फंसा हुआ धन वापस पाने के लिए
प्रतिदिन सुबह सूर्य को जल अर्पित करें। जल में 11 लाल मिर्च के बीज डालकर सूर्य भगवान से धन वापसी की प्रार्थना करें तथा “ॐ आदित्याय नमः” का जाप करें।
माइग्रेन या आधे सिर के दर्द के लिए पारंपरिक उपाय
मंगलवार को सूर्योदय के समय गुड़ का एक टुकड़ा लेकर चौराहे पर जाएं। दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके गुड़ को दो हिस्सों में करने और वहीं रखने की पारंपरिक मान्यता है। यह उपाय 5 मंगलवार बताया जाता है।
नोट: लगातार या तेज सिरदर्द होने पर चिकित्सकीय जांच और उपचार को प्राथमिकता दें।
पितृ संबंधी अतिरिक्त उपाय
अमावस्या के दिन कौओं को भोजन कराएं। जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न का दान करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं।
विशेष सावधानी
इन सभी उपायों को पारंपरिक ज्योतिषीय एवं लोक-मान्यताओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या में चिकित्सकीय उपचार को प्राथमिकता दें। रत्न धारण करने से पहले कुंडली के अनुसार उचित सलाह लेना बेहतर है। नशे की समस्या में डॉक्टर या नशा-मुक्ति विशेषज्ञ की सहायता लेना आवश्यक है।
यह लेख पारंपरिक उपायों को एक ही स्थान पर सरल भाषा में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।